Friday, July 16, 2010

आओ , थोड़ा हँस तो लें.... 7


सिटी बसके एक कंडक्टर ने एक बाबूजी से पूछा-जनाब, कल रात आप सही सलामत घर पहुंच गए थे न?
बाबूजी-क्यों? क्या तुम समझते हो कि मैंने बहुत ज्यादा शराब पी रखी थी, अरे भोले आदमी, तुम ने देखा नहीं कि मैंने नशे की हालत में भी अपनी सीट उस वृद्ध स्त्री को दे दी और खुद खड़े-खड़े सफर किया। वही तो मैं कह रहा हूं। कंटक्टर बोला-उस समय बस में केवल आप और वह वृद्ध स्त्री ही तो सवार थे।

दो शहरी दोस्त आपस में बातें कर रहे थे। एक देहाती उनके दरम्यान आकर चलने लगा। उनमें से एक शहरी ने मजाक में उससे कहा-क्यों भई, तुम बेवकूफ हो या गधे?
देहाती बोला-जी, दोनों के बीच में हंू।

सरोज ने अपनी सहेली शबनम की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए कहा-तुमने सचमुच बहुत बहादुरी दिखाई और चोर पर इस तरह टूट पड़ी कि वह भाग खड़ा हुआ।
शबनम-मुझे क्या पता था कि वह चोर था। मैँ तो समझी थीं कि मेरा पति शराब पीकर गिरता पड़ता फिर देर रात गए घर आया है।

एक ग्रामीण एक शहर में गया। वहां उसे कुछ दिन रहना था इसलिए उसने होटल में एक कमरा ले लिया।
कुछ देर बाद उसने मैनेजर से पूछा-यहां खाने का क्या समय है?
मैनेजर ने कहा-नाश्ता सुबह सात बजे से ग्यारह बजे तक। दोपहर का खाना बारह बजे से तीन बजे तक और रात का खाना छह बजे से रात दस बजे तक।
अगर इतना समय खाने में ही लग जाएगा तो मैं शहर कब देखूंगा? ग्रामीण ने भोलेपन से पूछा।

मीता- मेरे पिताजी ने तो तैरने का रिकार्ड तोड़ दिया। पूरे तीन दिन बाद लौटे हैं। गीता-वह तो ठीक है। लेकिन तुम्हारे पिताजी हमरे पिताजी का मुकाबला नहीं कर सकते।
कैसे?
मेरे पिताजी चार साल पहले तैरने गए थे और आज तक नहीं लौटे हैं।

पति-यह शीशा तुम्हारे कारण टूटा है।
पत्नी-जी नहीं, तुम्हारे कारण टूटा है। यदि तुम शीशे के आगे से नहीं हटते तो यह जूता शीशे की बजाय आपको ही लगता।

एक लड़का साइकिल पर बड़ी तेजी से जा रहा था कि एक बूढ़े से उसकी टक्कर हो गई तथा दोनों गिर पड़े। बूढ़ा फौरन उठा और लड़के को एक रुपया देते हुए कहने लगा, लो बेटा। अंधों को भीख देना बड़े पुण्य का काम है।

अधिकारी ने इंटरव्यू के दौरान एक युवक से पूछा, अगर आकाश में उड़ता हुआ विमान रुक जाए तो आप क्या करेंगे? युवक- करना क्या है? सभी सवारियों को नीचे उतारकर धक्का लगवाएंगे।

एक महिला पालतू पशुओं के व्यापारी से बोली- मुझे यह कुत्ता तो बहुत पसन्द है, लेकिन इसकी टांगें बहुत छोटी-छोटी है।
व्यापारी- छोटी-छोटी कहां है? चारों टांगें जमीन तक तो पहुंच ही रही हैं।

दो आलसी कम्बल ओढ़ कर सो रहे थे। तभी एक चोर कम्बल लेकर भाग गया।
पहला आलसी सोये-सोये ही चिल्लाया-पकड़ो-पकड़ो-चोर-चोर।
दूसरा आलसी आराम से बोला-रहने दो, जब तकिया लेने आएगा, तब पकड़ लेंगे।

5 comments:

  1. हा...हा...बढ़िया चुटकुले

    ReplyDelete
  2. हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
    कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें

    ReplyDelete
  3. इस नए ब्‍लॉग के साथ आपका हिंदी चिट्ठाजगत में स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

    ReplyDelete
  4. हा हा, मजेदार!

    ReplyDelete